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सेवा सहकारी समिति बिलाईगढ़ में बड़ा खेल! 483 क्विंटल धान फड़ से गायब,फिर भी अधिकारियों की नरमी पर सवाल?

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले की धान मंडियों में एक बार फिर गड़बड़ी सामने आई है। एक खरीदी केंद्र में 483 क्विंटल धान की शॉर्टेज (कमी) पाई गई है, जिससे पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भौतिक सत्यापन के दौरान जहां रिकॉर्ड के अनुसार धान मौजूद होना चाहिए था, वहां वास्तविक रूप से धान नहीं मिला। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा समिति प्रबंधकों को कमी पूरा करने के लिए समय दिया जा रहा है, जो विवाद का विषय बन गया है।

मौके पर जांच में खुलासा
हमारे मीडिया टीम द्वारा बिलाईगढ़ मंडी पहुंचकर की गई पड़ताल में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।
जिस स्थान पर रिकॉर्ड के अनुसार 483 क्विंटल धान मौजूद होना चाहिए था, वहां एक भी बोरी धान नहीं मिली।
यानी साफ है कि स्टॉक सिर्फ कागजों में दिखाया गया, जबकि जमीन पर फड़ पूरी तरह खाली मिला।

सबसे बड़ा सवाल – समय क्यों दिया जा रहा है?

इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी सामने आने के बाद भी—
तत्काल सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?

जिम्मेदारों के खिलाफ FIR दर्ज क्यों नहीं?

प्रबंधकों को समय देकर क्या सबूत मिटाने का मौका दिया जा रहा है?
इन सवालों को लेकर आम लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कागजों में खरीदी, जमीन पर खाली फड़

सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर धान की आवक-जावक सिर्फ कागजों में दिखाई जा रही है, जबकि फड़ में वास्तविक स्टॉक नहीं मिल रहा। इससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि पूरा मामला कागजी लेनदेन और संभावित गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है।

शासन को नुकसान, जवाबदेही तय नहीं
483 क्विंटल धान की कमी से शासन को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। लेकिन अब तक जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

क्या कहते हैं समिति प्रबंधक
जब समिति प्रबंधक टीकाराम साहू से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया


क्या कहते हैं समिति ऑपरेटर
हमारे द्वारा समिति के ऑपरेटर कमलेश साहू से बात किया उन्होंने बताया कि शॉर्टेज है कोई बिहारी गाड़ी लगा था ट्रक में धान उठाते  समय गड़बड़ी किया होगा

कागजों में 483 क्विंटल धान है लेकिन फड़ से धान गायब
वर्तमान स्थिति सेवा सहकारी समिति बिलाईगढ़