छत्तीसगढ़

कम बच्चे रहते है तो पढ़ाने में मजा नही आता – पदुम कुमार जायसवाल


बिलाईगढ़= बिलाईगढ़ विकासखंड में शिक्षको की मनमानी चरम पर है जब मन चाहे स्कूल बंद कर घर चले जाते है ऐसा ही एक मामला सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला की बिलाईगढ़ विकासखंड में इसी तरह की लापरवाही खूब चल रहा आपको बता दे प्राथमिक शाला टेडगीडीपा की कहानी जहा बच्चो का भविष्य के साथ खेलवाड़ खूब हो रहा जहा 30 बच्चे एक रसोइया के हवाले स्कूल चल रहा और शिक्षक अपने कामों में मस्त होकर घूम रहे वही मिली जानकारी अनुसार जब 1.30 बजे स्कूल में ताला लग गया था शुक्रवार के दिन स्कूल बंद पड़ा हुआ है वही महज स्कूल के ही किनारे स्कूल ड्रेस में 5 से 7 बच्चे खेल रहे थे जब उनसे पूछा गया की किस स्कूल में पढ़ते है तो बच्चो ने बताया की टेडगीडीपा स्कूल में पढ़ते है बच्चो ने फिर बताया की आज स्कूल आए थे रसोइया ने स्कूल खोला और खाना बनाकर खिलाया फिर 1 बजकर 18 मिनट में सभी बच्चो का छुट्टी कर दिया गया और कोई टीचर स्कूल ही नही पहुंचे बच्चे छुट्टी होते तक खेलते रहे

रसोइया ने बताया की कोई टीचर नही पहुंचा स्कूल


वही टेडगीडीपा की रसोइया से जब पूछा गया तो बताई की आज सिर्फ मैं स्कूल आई हु कोई टीचर नही पहुंचे है। टीचर ने आपको कुछ बताया है या नहीं जब जानकारी लेना चाहा तो रसोइया ने जानकारी देते हुए बताया की मुझे शिक्षक पदुम कुमार जायसवाल ने पहले ही कह दिया था की कल मैं नही आऊंगा आप आना और खाना बनाकर खिला देना फिर बंद कर चले जाना रसोइया ने टीचर के कहे अनुसार खाना खिलाकर छुट्टी देकर खुद घर चली गई ।

शिक्षा विभाग की लाचार रवैया से शिक्षको का मनोबल बढ़ा ?


जिस तरह से बिलाईगढ़ में शिक्षको की मनमानी चल रहा उसे देखते हुए साफ जाहिर होता है शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण शिक्षको का खूब मनोबल बढ़ा हुआ है और अपने तरीके से स्कूल आते जाते रहते है सरकार से हजारों लाखो की तंखुवा लेते है और शिक्षा का स्तर नीचे गिरते जा रहा उसकी कोई चिंता तक नही शिक्षक सिर्फ अपने में व्यस्त चल रहे न तो छुट्टी ले रहे और ना ही किसी विभाग के अधिकारी को अवगत करा रहे

पदुम कुमार जायसवाल कहते है मैं स्कूल आया था बच्चे और रसोइया ने कहा कोई टीचर नही पहुंचे

पदुम कुमार जायसवाल टेगडीडीपा शिक्षक


स्कूल बंद होने की स्थिति में जब शिक्षक का नंबर ग्रामीणों से लेकर दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया तो शिक्षक जयसवाल का कहना है कि मैं स्कूल आया था और एक बजे स्कूल से आ गया वही जब उनसे वर्जन के लिए आमने सामने हुए तो शिक्षक खुद कहने लगे की मैं कल से बोलकर चला गया था और मै स्कूल के काम से बिलाईगढ़ गया था और उसके बाद अपने बच्चो को स्कूल कॉलेज से लेने के लिए रुक गया जरा सोचिए अपने बच्चो को पढ़ाने के लिए जयसवाल साहब खूब समय दे रहे लेकिन वही जिस शिक्षा विभाग का पद लेकर शिक्षक बने हुए और 26 बच्चो का भविष्य जिनके कंधे पर है उन्हे उन बच्चो की भविष्य का कोई चिंता नहीं है

संकुल प्रभारी अमित कुमार भोई तक को नहीं कोई सूचना


वही जब संकुल प्रभारी से पूछा गया तो इसके संबध में शिक्षक ने कोई जानकारी नहीं दिया गया था बिना बताए अपने ही मनमर्जी करते चले आ रहे है वही भोई ने कहा की बीइओ को लिखित में अवगत कराया जायेगा और ऊपर अधिकारी क्या संज्ञान लेकर कार्यवाही करते है उनके ऊपर है बताया गया