ग्राम पंचायत जशपुर में सचिव निकले मास्टरमाइंड सरपंच सचिव की मिलीभगत से सरपंच पति को बनाया वेंडर कर गए लाखों का झोलझाल
सारंगढ़:- जनपद पंचायत सारंगढ़ अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जशपुर में लाखों रुपयों का हेराफेरी व भ्रष्टाचार का मामला आया सामने सरपंच और सचिव की मिलीभगत से सचिव अंजली पटेल ने सरपंच पति को वेंडर बनाकर 14वें वित्त की राशि को गबन करने की नियत से, सरपंच सचिव मिलकर सरपंच पति के नाम से फर्जी बिल लगाकर लाखों रूपये (राशि) का गबन किया गया है। वही ग्राम पंचायत में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। वर्तमान में ग्राम पंचायत जशपुर में सरपंच पूनम (मरार) पटेल है। सरपंच पति विधाता पटेल के नाम से पंचायत में किए गए कार्यों के निर्माण हेतु मटेरियल, मजदूरी सहित अन्य कार्यों का भुगतान किया गया है सरपंच ने अपने पति विधाता पटेल को वेंडर बनाकर फर्जी बिल तैयार कर भुगतान कराए गये है। अगर इसकी जांच किया जाते तो सरपंच और सचिव ही दोषी पाया जाएगा। सरपंच ने अपने रिश्तेदारों के नाम से लाखों रुपए के फर्जी बिल लगाकर मटेरियल या अन्य मदों से ग्राम पंचायत की राशियों का गबन किया गया है।
जबकि शासन के नियम में पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार किसी भी प्रकार का लाभ वाला कार्य नही कर सकते है।
यह कहता है पंचायत राज अधिनियम एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 पर नजर डाले तो उक्त अधिनियम के पृष्ठ क्रमांक 189 में धारा 69 के अंतर्गत अध्याय 8 में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि त्रि-स्तरीय पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार किसी भी प्रकार का लाभ वाला कार्य नहीं करेंगे। अधिनियम अंतर्गत धारा 40 में ऐसा करने पर जो प्रावधान दिये गये हैं, उसमें शासकीय सेवकों व जनप्रतिनिधियों को पद से पृथक करने केअलावा राशि की वसूली के साथ चुने हुए प्रतिनिधियों को 6 वर्ष के लिए चुनाव लडने से वंचित करने के प्रावधान हैं।