रेंगालमुड़ा में छोटे झाड़ के जंगल भूमि पर कब्ज़ा?

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – जंगल यूं ही खत्म नहीं हो रहा, बल्कि इसे जानबूझ कर उजाड़ा जा रहा है,लोग राजस्व भूमि कों कब्ज़ा कर अपने लिए कई आशियाना बना रहें है लेकिन यहाँ जंगल कों भी नहीं छोड़ा जा रहा है,छोटे झाड़ के जंगल कों कब्जा कर हड़पा जा रहा! हम बात कर रहें सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ तहसील के वन परिक्षेत्र कनकबीरा की जहाँ रेंगालमुड़ा में छोटे झाड़ के जंगल में लगभग 2 एकड़ जमीन कों पटवारी व परिवार द्वारा कब्ज़ा किया गया है, पटवारी एक शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद भी नियम कायदा कानूनों की धज्जियाँ उड़ा रहे है वहीं कब्ज़ा धारी अपने भतीजे पटवारी के सानिध्य में जमीन कब्जा किया है क्योंकि भतीजे पटवारी को जमीन कब्जा का सारा दाव पेज पता है! आपको बता दें रेंगालमुड़ा में वनविभाग द्वारा छोटे झाड़ के जंगल खसरा नंबर 88/2 क्षेत्रफल 0.4700 हेक्टेयर और 88/1 क्षेत्रफल 0.4630 हेक्टेयर को वृक्षारोपण एवं चाराबीड़ के लिए भूमि सुरक्षित रखा गया था, को पटवारी परिवार द्वारा कब्जा कर निजी लाभ उठा रहें है, वहीं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी, मुखदर्शक बन कर देख रहें है फिर कब्ज़ा धारी व्यक्ति के खिफ़ाल किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही या हिदायत नहीं दिया गया, जिससे की कब्ज़ा धारियों की हौसला बुलंद होते गया और सुरक्षित रखे गये भूमि को कब्ज़ा कर बैठा।
सरकारी संपत्ति पर कब्जा 30 साल तक भी हो तो मालिकाना हक नहीं मिलता, इसे अवैध माना जाता है
भाग 1