
सीपत बिलासपुर समीपस्थ ग्राम -जाँजी में कृति कला एवं साहित्य परिषद जांजी सीपत का प्रांतीय वार्षिक अधिवेशन, पत्रिका विमोचन एवं सम्मान समारोह का आयोजन जांजी स्थित सामुदायिक भवन में दिनाँक- 12.01.2025 को संपन्न हुआ। दो सत्रों में आयोजित इस अधिवेशन के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि श्री मेलाराम साहू अध्यक्ष व्यापारी संघ एवं संरक्षक कृति कला एवं साहित्य परिषद रहे। अध्यक्षता श्री अरविंद सोनी प्रांतीय उपाध्यक्ष राष्ट्रीय कवि संगम विशिष्ट अतिथि श्री असरफी लाल सोनी संरक्षक कृति कला एवं साहित्य परिषद थे, इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री साहू ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए रचनाकारों को अनवरत सृजन करते रहने एवं समाज को एक नई दिशा देने की बात कहते हुए कहा कि मैं कृति कला एवं साहित्य परिषद के साथ तन, मन और धन से समर्पित होकर साथ दूँगा।, प्रथम सत्र की शुरुवात दीप प्रज्वलन के साथ हुई, राजगीत की प्रस्तुति श्रीमती संतोषी महंत “श्रद्धा” ने दी, तत्पश्चात अंचल के कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ी द्वितीय सत्र का आयोजन माननीय गिरिराज जी गढ़ेवाल डायरेक्टर नेशनल कॉलेज ऑफ फॉर्मास्युटिकल फरहदा के मुख्य आतिथ्य, श्री निरंजन साय जी वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता की अध्यक्षत एवं श्री अहमद मोमिन जी डायरेक्टर बहु. उ. मा. विद्यालय खम्हरिया , डा. रश्मिलता मिश्रा जी वरिष्ठ साहित्यकार बिलासपुर, श्री शिशिर तिवारी जी वरिष्ठ साहित्यकार, श्री सतीश तिवारी जी योगाचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार कोटा, के विशेष आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों के स्वागत पश्चात साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु श्री जगबंधु यादव जशपुर एवं श्री जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया कोरबा को कृति साहित्य सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया, वही साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली साहित्यिक समिति संस्कार साहित्य सेवा समिति सरायपाली बसना एवं मंजिरी साहित्यिक सृजन चारामा कांकेर को शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस बीच श्री शरद यादव जी के संपादन में प्रकाशित “एहसास पत्रिका” एवं श्रीमती सुषमा पाठक की कृति गोली मारो गम को सारे का विधिवत विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। आयोजन में प्रतिवर्ष उत्कृष्ट रचनापाठ करने वाले रचनाकारों को कृति सारस्वत सम्मान से सम्मानित किया जाता है, जिसमे इस वर्ष रश्मि मंजूला पंडा, त्रिवेणी गढ़ेवाल, योगेश्वर राठौर एवं पूर्णिमा चौधरी को कृति सारस्वत सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अभ्यागत श्री गिरिराज जी ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए, कहां की साहित्य समाज का दर्पण होता, रचनाकर जो लिखता है उसका प्रत्यक्ष असर समाज पर पड़ता है, हम सभी पूरे मनोयोग से समाज एवं देश को एक सही दिशा देने अपनी कलम जरूर चलाए, उन्होंने इस कार्य हेतु पूरे मन से सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। विशिष्ट अभ्यागत श्री साय जी ने सभी रचनाकारों का अभिवादन करने हुए कृति कला एवं साहित्य परिषद द्वारा सभी रचनाकारों को जोड़कर साहित्य साधना करने हेतु बधाई प्रेषित की, श्री मोमिन जी ने अभी रचनाकारों को राष्ट्र हेतु समर्पित भाव से चिंतन करते हुए रचना करने की बात कही। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के जिलों, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, पेंड्रा, मुंगेली, जगदलपुर,कोटा, बेमेतरा, बिलाईगढ, कवर्घा, जशपुर, रायपुर, महासमुंद, बालोद, जगदलपुर, जांजगीर चांपा के साथ ही मध्यप्रदेश से विशेष रूप से प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी रचनाकारों को काव्यपाठ हेतु सहभागिता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन परिषद के मुखिया प्रांतीय अध्यक्ष श्री शरद यादव व द्वितीय सत्र काव्य पाठ का संचालन श्रीमती पूर्णिमा तिवारी ने किया वही कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन प्रदेश सचिव श्री सुरेश पैगवार ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कृत श्री कांशी राम साहू, रामेश्वर शांडिल्य, दीनदयाल यादव, दिलीप अग्रवाल, सुरेश पैगवार, ईश्वर साहू, अमित दुबे, शशिभूषण स्नेही, सोमप्रभा तिवारी, केशिका साहू, सुषमा पाठक, दिनेश पांडेय, गुलशन खम्हारी, पूर्णिमा तिवारी, विपुल तिवारी, राजेंद्र मिरी, आशा चंद्राकर, ललिता यादव, रश्मि अग्रवाल, रेखराम साहू, अशोक शर्मा, द्रोपदी साहू, राकेश अयोध्या, आदि उपस्थित थे।