खनिज विभाग में सुस्ती! लक्ष्य अधूरा, अवैध उत्खनन जारी – प्रशासन सख्त तो अधिकारी क्यों ढीले?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 10 अप्रैल 2026
जिले में खनिज विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की सख्त समीक्षा बैठक के बाद यह साफ हो गया कि ज़मीनी स्तर पर अधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं।
जिले को वित्तीय वर्ष 2025-26 में खनिज राजस्व से 3550 लाख रुपए का लक्ष्य मिला था, लेकिन अब तक सिर्फ 2300 लाख (लगभग 64.78%) की ही वसूली हो पाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि बाकी राजस्व वसूली में देरी के पीछे जिम्मेदार कौन है?
अवैध उत्खनन पर लगाम नहीं
रेत घाटों में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण लगातार जारी है, जबकि प्रशासन बार-बार रोक लगाने के निर्देश दे रहा है। इसके बावजूद ज़मीनी कार्रवाई न होना अधिकारियों की निष्क्रियता को उजागर करता है।
बैठक से गायब पट्टेदार, फिर भी ढील?
समीक्षा बैठक में कई पट्टेदार अनुपस्थित रहे, जिसके बाद कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लेकिन सवाल यह है कि पहले से ही निगरानी क्यों नहीं की गई?
संयुक्त जांच के आदेश, पर अमल कब?
राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम को खदान जांच के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अब तक निरीक्षण और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही थी?
निर्माण कार्यों में भी गड़बड़ी के संकेत
कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि बिना रायल्टी जमा किए ठेकेदारों का भुगतान न किया जाए। इससे यह भी संकेत मिलता है कि पहले नियमों का पालन नहीं हो रहा था।
क्रेशर क्षेत्रों में पर्यावरण की अनदेखी
टिमरलगा और गुड़ेली क्षेत्र में क्रेशरों से उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए अब बाउंड्रीवाल और पौधारोपण के निर्देश दिए गए हैं। सवाल यह है कि अब तक पर्यावरण मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही थी?
❗ बड़ा सवाल
जब कलेक्टर को खुद सख्ती दिखानी पड़ रही है, तो क्या जिले के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहे हैं?
🗣️ जनता की मांग
अवैध उत्खनन पर तत्काल कार्रवाई
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही
खनिज राजस्व लक्ष्य की समय पर पूर्ति
पारदर्शिता और नियमित जांच