50 वर्षों की सेवा के बाद भी उपेक्षित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाएं, कल सारंगढ़ में एक दिवसीय धरना-सभा से सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगी

सारंगढ़।
देश की महिला शक्ति, जो घर-घर तक कुपोषण मिटाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने की रीढ़ बन चुकी हैं, आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की, जिन्होंने 2 अक्टूबर 1975 से लागू आईसीडीएस योजना के तहत लगातार पाँच दशकों से अपनी सेवाएं दीं, लेकिन आज भी उन्हें न तो कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही न्यूनतम मजदूरी, पेंशन या सम्मानजनक सुविधाएँ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश की लगभग एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं प्रांतीय संयुक्त मंच के आह्वान पर कल दिनांक 1 सितम्बर 2025 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना, रैली और सभा आयोजित कर रही हैं। सारंगढ़ जिला मुख्यालय भी आज इस आंदोलन का साक्षी बनेगा, जहाँ सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ एकत्र होकर सरकार को अपनी पीड़ा और माँगों से अवगत कराएँगी।
संघर्ष की व्यथा
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मात्र 4500और सहायिका को 2250 मानदेय दिया जा रहा है। यह राशि आज की महँगाई और जरूरतों के सामने न केवल नगण्य है, बल्कि इसे “जीने लायक वेतन” कहना भी कठिन है। न महंगाई भत्ता, न पेंशन, न ग्रेज्युटी, न बीमा और न ही पदोन्नति जैसी सुविधाएँ। यही कारण है कि महिलाएँ लंबे समय से अपनी आवाज़ बुलंद कर रही हैं, लेकिन हर बार केंद्र सरकार इसे राज्य का विषय और राज्य सरकार इसे केंद्र का विषय बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है।
अब जबकि केंद्र और छत्तीसगढ़, दोनों जगह एक ही दल की सरकार है, कार्यकर्ता-सहायिकाएं उम्मीद कर रही हैं कि अब उनकी दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।
धरना-सभा में रखी जाने वाली प्रमुख माँगें
1️⃣ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तृतीय श्रेणी एवं सहायिका को चतुर्थ श्रेणी का शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
2️⃣ शासकीय दर्जा मिलने तक देशभर में एक समान वेतन लागू कर कार्यकर्ता को 26,000 और सहायिका को 22,100 (कार्यकर्ता वेतन का 85%) दिया जाए।
3️⃣ सेवानिवृत्ति पर पेंशन, ग्रेज्युटी, समूह बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
4️⃣ सहायिका को कार्यकर्ता और कार्यकर्ता को सुपरवाइजर पद पर प्रत्यक्ष पदोन्नति मिले।
5️⃣ पोषण ट्रैकर, फेस कैप्चर, e-KYC जैसी डिजिटल बाध्यताओं को बंद कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू की जाए।
6️⃣ महँगाई भत्ता दिया जाए और गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप न्यूनतम वेतन व ग्रेज्युटी व्यवस्था छत्तीसगढ़ में भी लागू की जाए।
7️⃣ सेवानिवृत्ति के बाद कार्यकर्ता को 10,000 व सहायिका को 8,000 मासिक पेंशन और क्रमशः 5 लाख व 4 लाख ग्रेज्युटी राशि प्रदान की जाए।
8️⃣ आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
महिलाओं की आवाज़ – “हमने देश को दिया है, अब देश हमारा हक़ दे” धरना-सभा में जुटी महिलाओं ने कहा कि 50 सालों तक हमने घर-घर जाकर टीकाकरण, पोषण आहार, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाएँ लागू कीं। कुपोषण और मातृ मृत्यु दर घटाने में हमारी भूमिका किसी से छिपी नहीं है। इसके बावजूद हमें आज भी कर्मचारी या श्रमिक तक का दर्जा नहीं दिया गया। उनका कहना है कि अब धैर्य टूट चुका है, और सरकार को इस बार उनकी आवाज़ सुननी ही होगी। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सारंगढ़ बना आंदोलन का गवाह
कल सारंगढ़ जिला मुख्यालय में होने वाले इस धरना-सभा में कार्यकर्ता और सहायिकाएं हाथों में तख्तियां लिए नारे लगाएँगी, रैली निकालेंगी और शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौपेंगी। उनका साफ संदेश है कि “50 वर्षों तक हमनें सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया, अब सरकार हमारी मूलभूत माँगों को पूरा कर हमें न्याय दिलाए।” यह आंदोलन न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की लड़ाई है बल्कि उन लाखों परिवारों की आवाज़ भी है, जिनके जीवन में इन महिलाओं ने अपनी सेवा और समर्पण से रोशनी फैलाई है। कल धरना आंदोलन मे भटगांव परियोजना से शामिल होंगे भटगांव परियोजना अध्यक्ष जिला सचिव धनेश्वरी भास्कर, भुनेश्वरी चन्द्रा उपाध्यक्ष परियोजना भटगांव,
घासनिन बर्मन परियोजना सचिव,
फिरमत निराला कार्यकारिणी सदस्य
हीर मणि,मौथारा साहू,सिया बाई जाटवर,धनिया साहू कोषाध्यक्ष परियोजना भटगांव,बिलाईगढ़ परियोजना से बिलाईगढ़ परियोजना अध्यक्ष दुर्गा यादव,सचिव रूकमणि साहू,सरस्वती साहू कार्यकारिणी सदस्य,कोसिर परियोजना से माधुरी कुर्रे कोसिर परियोजना अध्यक्ष,सचिव सहारतींन,सदस्य उमा चौहान,लेंधरा परियोजना अध्यक्ष मोंगरा चौहान
सचिव सीता बर्मा, बरमकेला परियोजना अध्यक्ष कविता शर्मा,
सचिव दुखदाई सहिस,सारंगढ़ परियोजना,अध्यक्ष फुलबाई साहू
मौथरा पटेल सचिव कार्यकारिणी सदस्य अंजना थवाईथ,नागेश्वरी,जिलाध्यक्ष अनुसूईया मल्होत्रा सारंगढ़ बिलाईगढ़
जिला सचिव धनेश्वरी भास्कर
जिला कोषाध्यक्ष माधुरी कुर्रे उपस्तिथ रहेंगे l



