अंबिकापुरछत्तीसगढ़ का शिमलामैनपाट

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर
छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट

छत्तीसगढ़ / प्राकृतिक सुंदरता से भरे छत्तीसगढ़ के विविध पर्यटक स्थलों में से एक मैनपाट है छत्तीसगढ़ का हिल स्टेशन अपने मनोहारी दृश्यों के साथ-साथ यहां के आश्चर्यजनक स्थल अपने आप में अजूबा है यहां आने वाला पर्यटक

बार-बार आना चाहेंगा

मैनपाट के प्रमुख मनोरम स्थल

बुद्ध मंदिर

वर्ष 1962 में तिब्बती शरणार्थियों को यहां बसाया गया था। यहां तिब्बती लोगों का जीवन एवं बौद्ध मंदिर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसलिए इसे ‘छत्तीसगढ़ का तिब्बत’ भी कहा जाता है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में विंध्य पर्वतमाला पर समुद्रतल से लगभग 3781 फीट की ऊंचाई पर बसे मैनपाट को ‘छत्तीसगढ़ का शिमला ‘ कहा जाता है।

मैनपाट की वादियां

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, समुद्र तल से ऊंचाई एवं मनोरम स्थल व शरद ऋतु में बर्फबारी शिमला का अनुभव कराती है। ठंड और बारिश के दिनों में मैनपाट का सौंदर्य अपने चरम पर होती है, इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। पहाड़ से निकलती टेढ़े-मेढे रास्ते और अलग-अलग पहाड़ियों से नीचे का वृहग दृश्य देखते ही बनता है। ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ एवं चारों ओर से वनों से घिरा हुआ हरियाली, बहते झरने एवं नदियां लोगों को अपनी ओर खींच लेती है। गर्मी के दिनों में भी ठंडी का मौसम होने के कारण सैलानियों का पसंदीदा स्थान होता है।

मैनपाट से ही रिहन्द और मांड नदी का उद्गम हुआ है।


जलपरी पॉइंट

यहाँ जाने के बाद आप इस झरने को देख कर मोहित हो जायेंगे यह मैनपाट का सबसे खूबसूरत झरना माना जाता है, यह पहाड़ियों के बीच गाँव से लगभग 17 km दूर स्थित है, यहाँ मछली नदी पर झरना है जो लगभग 80 मीटर की ऊँचाई से गिरता है जो खूबसूरत दृश्य का निर्माण करता है

मेहता पॉइंट

प्रकृति की गोद में बसी इस जगह पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का समय काफी मनोहर होता है। यह अद्भुत नजारा सैलानियों को अपनी खींच लेती है।

सरभंजा जलप्रपात

मांड नदी पर यह जलप्रपात है, इसे इको या टाइगर पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है। प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर यह एक दर्शनीय स्थल है।

एलिफेंट पॉइंट

यह झरना जमदरहा नामक पहाड़ी नदी पर स्थित है। चारों ओर घनघोर जंगल के बीचोबीच यह झरना है, जहां 12 महीनें पानी बहता रहता है। प्रकृति की यह अद्भुत दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है।

मैनपाट कैसे पहुंचे ?

मैनपाट जिला अंबिकापुर मुख्यालय / सरगुजा से 50 किलोमीटर की दूरी पर है। जिला अंबिकापुर से जाने के दो रास्ते हैं, पहला अंबिकापुर-सीतापुर रोड़ से होकर और दूसरा ग्राम दरिमा होते हुए। दरिमा एयरपोर्ट होकर जाने में मैनपाट पहाड़ी का सफर पर्यटकों के लिए काफी रोमांचक है।

ट्रेन द्वारा

अंबिकापुर रेलवे स्टेशन करीब है, जहाँ से टैक्सी, कार या बस से जा सकते हैं।

सड़क द्वारा

अंबिकापुर बस अड्डा से बस या टैक्सी से जा सकते हैं।