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एकीकृत बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक ने किया फर्जी मानदेय राशि का भुगतान

सारंगढ़ / भटगांव :एकीकृत बाल विकास परियोजना विभाग में आंगनबाड़ी स्तर में शिकायत किसी से छिपी नहीं है ना सिर्फ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की गलती होती है उससे भी बड़ी गलती उनको सरक्षण देने वाले पर्यंवेक्षकों की भी है जो उनके प्रत्येक गलत कामों में संरक्षण देकर उनके हौसला अफ़जाई का काम करते हैं, बिना जांच के मनमानी करने हेतु बाध्य करते हैं!

ताज़ातरीन मामला भटगाव से आ रही है जहाँ श्रीमती सुरतिया खरे पर्यवेक्षक धोबनी सेक्टर द्वारा 2581/रूपये का विवरण अनुसार फर्जी मानदेय का भुगतान किया गया है, जिसकी शिकायत जनप्रतिनिधि द्वारा कलेक्टर से की गयी है।

क्या है पूरा मामला:

माननीय न्यायालय अतिरिक्त कलेक्टर जिला-सारगढ़-विलाईगढ़ द्वारा ग्राम धोघरा के आगनबाड़ी कार्यकर्ता संजना खुंटे की नियुक्ति निरस्त कर कुमारी सोनिया टण्डन को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति देने के निर्देश पर परियोजना अधिकारी भटगाव द्वारा 30 अप्रैल 2025 को संजना खुंटे की नियुक्ति निरस्त कर कुमारी सोनिया टण्डन को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद की नियुक्ति आदेश जारी किया गया था जिस पर सोनिया टण्डन द्वारा 01 मई को आगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम घोधरा के पद का कार्यगार ग्रहण किया गया जिनको पर्यवेक्षक सुरतिया खरे द्वारा मई का मानदेय 10000,/रूपये भुगतान कराया गया तथा सेवा से पृथक आगनबड़ी कार्यकर्ता को भी मई 2025 में 2581/रूपये का फर्जी मानदेय राशि का भुगतान कराया गया है।
शिकायतकर्ता ने पर्यवेक्षक सुरतिया खरे के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है।

संक्षिप्त जानकारी –

30 अप्रैल 25 को संजना खूंटे कार्यकर्ता घोघरा को न्यायालय के आदेश पर पद से पृथक किया गया।
30 अप्रैल 25 को सोनिया टंडन नई कार्यकर्ता घोघरा का नियुक्ति आदेश जारी किया गया। 01 मई 25 को सोनिया टंडन नई कार्यकर्ता द्वारा घोघरा के आंगनवाडी कार्यकर्ता का पदभार ग्रहण किया गया। सोनिया टंडन कार्यकर्ता को मई 25 का मानदेय/वेतन 10000/- दिया गया।

सेवा से हटाई गई पूर्व कार्यकर्ता को मई 25 में बिना काम किये 2581/- रुपये का वेतन/मानदेय भुगतान किया गया जो फर्जी है। चुंकि लापरवाही या जानबूझकर फर्जी मानदेय का भुगतान सेक्टर पर्यवेक्षक धोबनी  सुरतिया खरे द्वारा किया गया है जिस पर कठोर कार्रवाई लाज़मी है।


क्या कहती हैं सुरतिया खरे –

इसमें मेरी कोई गलती नहीं है सॉफ्टवेयर के कारण ऐसा हुआ। उच्च अधिकारी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कहकर दूरभाष के माध्यम से कहा गया। फोन में बातचीत पर उनके पति ने निलंबित कार्यकर्ता के प्रति संवेदना जताते हुए कहा की बेचारी के छोटे बच्चे हैं विरोधियों के वजह से शिकायत किया गया।