sarangarh

108 एम्बुलेंस में सुरक्षित डिलीवरी, मां और नवजात सुरक्षित

महासमुंद /जिले में एक बार फिर मानवीय संवेदना की मिसाल देखने को मिली है। प्रसव पीड़ा से तड़पती एक गर्भवती महिला के लिए एम्बुलेंस संजीवनी बन गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस के अंदर सुरक्षित प्रसव (डिलीवरी) कराया गया। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।”

“यह पूरा मामला ग्राम बम्हनी ब्लॉक पिथौरा का है। दिनांक 11- 07- 2026 को शाम 07: 30 में चांदनी चौहान नाम की गर्भवती महिला को अचानक अत्यधिक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने फौरन [108] नंबर जीवनदायनी  संजीवनी एक्सप्रेस पर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। यह केस सारंगढ़ जिला अंतर्गत बिलाईगढ़ लोकेशन जो कि इस गांव के समीप थी ,सूचना मिलते ही पायलट राजकुमार साहू और ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) पुकराम मिरी [पैरामेडिकल स्टाफ ] तुरंत मौके पर पहुंचे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना के लिए रवाना हुए , इसी दौरान रास्ते में महिला की हालत गंभीर हो गई। परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए, एम्बुलेंस के अंदर ही मौजूद प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ ने सूझबूझ और तत्परता के साथ सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया।” जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसना में भर्ती कराया गया।

“सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव वाले ऐसे कई मामलों के बीच, एम्बुलेंस में इस तरह से सुरक्षित प्रसव कराना स्वास्थ्य कर्मियों की बेहतरीन ट्रेनिंग और मुस्तैदी को दर्शाता है।

हितग्राही के परिजन:-‘हम समय पर मदद मिलने से बहुत खुश हैं। एम्बुलेंस स्टाफ ने रास्ते में ही हमारी बहुत मदद की, जिसके कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। हम सरकार और इस आपातकालीन सेवा प्रदाता कंपनी ग्रीन ई एम आर आई GVK EMRI के आभारी हैं।’