छत्तीसगढ़सारंगढ़ बिलाईगढ़

घौठला छोटे में PMGSY सड़क बनी फ्लाई ऐश के भारी ट्रकों का शिकार!

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत घौठला छोटे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क की हालत अब सवाल नहीं, बल्कि जमीनी तस्वीरों में साफ नजर आ रही है। सड़क पर जगह-जगह लंबी दरारें, उखड़ी हुई गिट्टियां और क्षतिग्रस्त सतह दिखाई दे रही है।
इसी मार्ग पर फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए भारी-भरकम ट्रकों की आवाजाही जारी होने की बात सामने आई है।

स्थानीय स्तर पर 30 से 50 टन तक के फ्लाई ऐश लोडेड ट्रकों के चलने के आरोप हैं। जबकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बने सड़क में नियम एवं निर्देश के तहत 10 से 12 टन भार क्षमता ही अंकित रहता है !

जिस सड़क को ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया गया, वही सड़क अब भारी फ्लाई ऐश परिवहन के दबाव में टूटने और बिखरने की स्थिति में पहुंचती दिखाई दे रही है।
PMGSY बोर्ड के मुताबिक रायगढ़–सारंगढ़ रोड से घौठला छोटे, साराडीह बैराज मार्ग की लंबाई 11.370 किलोमीटर है और निर्माण लागत ₹435.21 लाख दर्ज है। कार्य पूर्ण होने की तारीख 8 अक्टूबर 2021 है और बोर्ड पर पांच वर्ष की गारंटी अवधि भी अंकित है।
लेकिन गारंटी अवधि के दौरान ही सड़क की यह तस्वीर निर्माण की गुणवत्ता और भारी वाहनों के संचालन—दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

निजी जमीन पर फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए पंचायत स्तर से NOC दिए जाने के बाद डंपिंग स्थल तक पहुंचने के लिए इसी ग्रामीण सड़क का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। भारी लोड वाले वाहनों ने सड़क को माल ढुलाई का रास्ता बना दिया है, जबकि सड़क की हालत लगातार बिगड़ती नजर आ रही है।
अब पूरे मामले में PMGSY विभाग की तकनीकी जांच, सड़क की भार क्षमता, वाहनों के वास्तविक वजन और डंपिंग स्थल तक परिवहन की अनुमति की जांच बेहद जरूरी है।

करोड़ों की लागत से बनी ग्रामीण सड़क… और फ्लाई ऐश के भारी वाहन से टूटती सड़क।
फ्लाई ऐश का कारोबार जारी, लेकिन सड़क की कीमत कौन चुकाएगा?